जोसेफ प्रीस्टले की जीवनी | hindi biography of Joseph Priestley

Joseph Priestley ki jivani

जन्म

अंग्रेज वैज्ञानिक जोसेफ प्रीस्टले का जन्म 24 मार्च 1733 ई० में नौइस के निकट एक गाँव में हुआ था । उसके माता – पिता अत्यन्त गरीब थे । प्रीस्टले रसायन – विज्ञान के प्रकाण्ड विद्वान थे । वह अनेक भाषाओं के ज्ञाता थे । लैटिन , हिबू , इटालियन , फ्रेन्च , चैल्डी और सिरिअक भाषाओं पर उनका अधिकार था ।

Joseph Priestley ki jivani

कार्य

1774 ई० में प्रीस्टले ने गर्मी का पता करने के हेतु परिवर्द्धक काँच का प्रयोग किया । उसने लाल – मरक्यूरिक ऑक्साइड पर परिवर्द्धक काँच द्वारा सूर्य की किरणों को केन्द्रित किया और यह खोज की कि गर्मी पाने पर यह पदार्थ पर एवं रंगहीन गैस पर विच्छेदित हो जाता है । उसने इस गैस का नाम फ्लोजिस्टन रहित हवा रखा ।

Joseph Priestley ki jivani

प्रीस्टले की रुचि

प्रीस्टले की विज्ञान के साथ अध्यात्म एवं राजनीति में भी विशेष रुचि थी । अपने राजनीतिक विचारों के फलस्वरूप उसे बहुत अधिक कष्ट उठाना पड़ा । प्रीस्टले फ्रांस की राजक्रान्ति के समर्थक थे और फलस्वरूप ब्रिटेन की सरकार उनसे रुष्ट हो गयी । 1791 ई० में जब उनकी ख्याति एक वैज्ञानिक के रूप में हो चुकी थी और वह बरमिंघम के छोटे से गिरजाघर में पादरी का कार्य कर रहे थे तो कुछ धर्मोन्मत्त लोगों ने उन पर गिरजाघर और सम्राट का शत्रु होने का आरोप लगाया और उसे मारने के लिए दौड़ पड़े । उस समय उसके परिवार के सब लोग भाग गये परन्तु उनका घर नष्ट कर दिया गया । यही नहीं , उसके उपकरणों , यन्त्रों और पुस्तकालय आदि को भी जला दिया गया और तत्पश्चात् उसका गिरजाघर बरबाद कर दिया गया ।

निधन

1794 ई० में प्रीस्टले अमेरिका चले गये और वहाँ पेन्सिवेनिया विश्वविद्यालय में रसायनशास्त्र का अध्यापक नियुक्त हो गये । इस समय वह काफी वृद्ध हो चुके थे और नवीन कार्य करने में उनका मन नहीं लगता था । जीवन के अन्तिम दिन उन्होंने अपने घर के शहर नार्दम्बरलैंड में शांति से व्यतीत किये और 6 फरवरी 1804 ई० में उनकी मृत्यु हो गयी । वहीं पर उसे दफना दिया गया ।

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